कल्पनाशब्दों के बीच
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सब .... रंग भरते होंगे

सब .... रंग भरते होंगे मैं ....अपना इंद्रधनुष "शब्दों" से भर देती हूँ काली ...रोशनाई सुफेद .....बादलों का कैनवास ... "श्वेत श्याम " का कॉम्बिनेशन उफ्फ्फ......बेहद रूमानी पेंटिंग तैयार हो रही है दो रंग और.... अनहद एहसासों की रोज़ रोज़..... ज़रा ज़रा
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें