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ज़िन्दगी के "औराक़ "में

ज़िन्दगी के "औराक़ "में...... हमने क्या कुछ नहीं छुपाया कुछ यादों की तितलियाँ धर ली इक वादा पंखुड़ी सा दबाया हमने क्या कुछ नहीं खोया हमने क्या क्या नहीं पाया ज़िन्दगी के "औराक़ "में...... (औराक़.....किताब के पन्ने)
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें