भाषा / Language
आज फिर दिन मेरी "कहानी" सुने बिना सो गया।
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आज फिर दिन मेरी "कहानी" सुने बिना सो गया।
अब तीन अक्षर का शब्द "कविता" दो अक्षर वाली रात को तलाश रही।सुकून मिले शायद ।
चौकोर कागज़ से नुकीली कलम की चुहल
😊😊😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें