कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1010

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देहरी में सांझ रख आयी हूं

देहरी में सांझ रख आयी हूं... चाहो तो दिन बीन लो चाहो तो रात लिख लो
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें