तोड़ना तो भ्रम ही था ... ये दिल ख़ामोखां खरोंच खा गया। अगली बार ......"बुद्धु सा मन" तुम्हें तोड़ेंगे।
रचना 100517 जनवरी 2018भाषा / Languageहिन्दीEnglishतोड़ना तो भ्रम ही था✦तोड़ना तो भ्रम ही था ... ये दिल ख़ामोखां खरोंच खा गया। अगली बार ......"बुद्धु सा मन" तुम्हें तोड़ेंगे।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें