कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0996

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दरमियां

दरमियां .... एक मौन बीज बोना उगाना पालना संजोना और..... फिर सुखाना भी है अगले बरस के लिए सब कुछ..... बस ज़रा सी देर में मिलोगे ना.... सदाबहार दरख़्त
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें