कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0886

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कहानियां सो जाती हैं।

कहानियां सो जाती हैं। किरदार जाने क्यों कसमसाते रह जाते हैं? शायद पुराने शब्द चुभते होंगे या फिर गूंजते होंगे । कोशिश बेकार है ... बेवजह भी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें