कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0872

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तुम को लिखा जाना और वो भी कविता में

तुम को लिखा जाना और वो भी कविता में कत्तई मंजूर नहीं मुझे मैं नहीं चाहता किसी और को मुझसे प्रेम हो जाय तुम्हें इस खूबसूरती से लिखा देख कर तुम इन आँखों में ही बनी रहो केवल मेरे लिए
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें