पहले खुद को गढ़ तो लूँ.... फिर रचूंगी तुम्हें। हर बार स्वार्थी तुम क्यों रहो?
रचना 084922 जुलाई 2017भाषा / Languageहिन्दीEnglishपहले खुद को गढ़ तो लूँ✦पहले खुद को गढ़ तो लूँ.... फिर रचूंगी तुम्हें। हर बार स्वार्थी तुम क्यों रहो?कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें