कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 0839

भाषा / Language

तुम अपनी रात को नकारते नहीं

तुम अपनी रात को नकारते नहीं...... सिर्फ इस लिए मुझे पसंद हो। खूबसूरत तो सिर्फ एक शब्द है। तुम सुन रहे हो ना......... ? 😊😊😊😊याद
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें