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रचना 0837

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हैं कुछ गहरे साये जो सिर्फ तुमसे ही जुड़े रहना चाहते हैं

हैं कुछ गहरे साये जो सिर्फ तुमसे ही जुड़े रहना चाहते हैं शौक नहीं .... प्रेम में हैं। 😊😊😊😊याद
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें