कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 0826

भाषा / Language

आवाज़ के बाजार में....... मौन हैं ये आंखें

आवाज़ के बाजार में....... मौन हैं ये आंखें मौन के लिबास में........... शोर हैं ये आंखें कह तो दिया... दिखा क्या ? Alka Hemady 😊😊😊 ये आंखें💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें