कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 0750

भाषा / Language

ये खामोश इश्क़ का हुनर सीखा दो मुझको भी

ये खामोश इश्क़ का हुनर सीखा दो मुझको भी कुछ चुप्पियां हैं मेरी भी ....जो ख़र्चनी बाकी हैं। 😊😊😊😊😊😊😊याद
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें