ककल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 0705

भाषा / Language

माँ कहने ....माँ होने .....माँ कहलाने का फ़ख़्र हासिल है मुझे।

✦
माँ कहने ....माँ होने .....माँ कहलाने का फ़ख़्र हासिल है मुझे। इस शब्द ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है खासकर समावेश कर लेना। आप सभी को ये शुभ दिन मुबारक। 😊😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें