कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0689

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फ़ारिग हो जाओ तो बताना .....चाँद

फ़ारिग हो जाओ तो बताना .....चाँद ! आज कुछ शब्द तुम पर वारने का मन है। कविता इंतज़ार में है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें