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रचना 0667

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मेरे रंगरेज़

मेरे रंगरेज़ ! रंग नहीं ..... अब केवल तुम्हारा स्पर्श रंग सकता है मुझे .......
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें