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रचना 0635

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अब तुमसे इश्क़ करने की चाहना छूट रही।

अब तुमसे इश्क़ करने की चाहना छूट रही। अब उन पर मर जाने को जी करता है जिसे तुम ढूंढते फिरते हो। कोई लाके मुझे दे.....😊😊😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें