कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 0624

भाषा / Language

इक कविता

इक कविता धुंधले शब्दों वाली कभी मुझे तलाशती कभी तुम्हें टोहती ना थकने वाली ना थमने वाली परत दर परत यादों का शेल्फ़ कविता किताब की शक्ल ले रही इसे रिहाई मिलने तक रुके रहोगे ना तुम कलम की नोंक पर
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें