खुद को रोपने के लिए ..... शब्दों से अच्छा बीज नहीं , कागज़ से अच्छी माटी नहीं सदाबहार हूँ ....
रचना 061424 जनवरी 2017भाषा / Languageहिन्दीEnglishखुद को रोपने के लिए✦खुद को रोपने के लिए ..... शब्दों से अच्छा बीज नहीं , कागज़ से अच्छी माटी नहीं सदाबहार हूँ ....कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें