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रचना 0604

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साल का नया दिन आप सभी को मुबारक

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साल का नया दिन आप सभी को मुबारक ..... बिनसर और चित्तई मंदिर ..... शुक्र है कुछ चीजें .....कुछ रिवाज़ आज भी अनछुए हैं यहाँ खूबसूरती बस होती है ..... हर तरफ ......हर ऒर 😊😊😊😊😊😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें