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रचना 0578

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अगर मैं इसे लिखती तो कुछ यूँ कहती

अगर मैं इसे लिखती तो कुछ यूँ कहती..... फिर जो कुछ भी तुम्हारे बाद हुआ .... मैंने उसे इक नाम दिया .....रिवाज़
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें