कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0566

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फिर कुछ यूँ हुआ.......... कि "तुम" हो गए

फिर कुछ यूँ हुआ.......... कि "तुम" हो गए शब्द - शब्द....... कहानी होता चला गया और "मैं".....उन कहानियों में गुमशुदा हो गयी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें