ककल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 0535

भाषा / Language

इक पूरा "शहर शब्दों का" सांस लेने लगता है

✦
इक पूरा "शहर शब्दों का" सांस लेने लगता है उस पल ....जब हम तुम संग ज़िंदा से लगते हैं
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें