कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 0522

भाषा / Language

मुझसे मिलने का "ज़रिया " ढूंढ लाओ

मुझसे मिलने का "ज़रिया " ढूंढ लाओ "बहाना " तो मैं कब से बनी बैठी हूँ आज सुबह ... कलम की शब्दों से chat पढ़ बैठी ... गलती से ☺☺☺☺☺
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें