कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0459

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आज का दिन मेरी ज़िन्दगी में दोहरी ख़ुशी लेकर आया । कौन कहता ह…

आज का दिन मेरी ज़िन्दगी में दोहरी ख़ुशी लेकर आया । कौन कहता है आभासी दुनिया में रिश्ते नहीं पनपते । शब्दों का रिश्ता...... दोस्ती में बदला । Meeting my fb friend Jayanti Kumari ji and a big fan of my writings.. ☺☺☺☺ एक प्रतिभावान व्यक्तित्व जयंती जी .... बस ऐसा लगा आईने से मुलाकात हो गयी ☺☺☺ ...
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें