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रचना 0346

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आज .....अगर ख्वाब सरक भी रहे तो क्या हुआ

आज .....अगर ख्वाब सरक भी रहे तो क्या हुआ ..... मेरे जज्बे ने तो ......"स्केट्स" पहन रखे हैं। 😊😊😊😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें