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रचना 0327

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कुछ " धुंध" .....तुम्हारे नाम सी

कुछ " धुंध" .....तुम्हारे नाम सी सर्द मौसम में ही नहीं ..... चिलचिलाती धूप में भी ..... मुझे ओढ़े रहती है सच ही तो है ..... कुछ मौसम ....कभी नहीं बदलते कुछ एहसास ...कभी नहीं अखरते © कल्पना पाण्डेय
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें