भाषा / Language
अमूमन
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अमूमन ....
रोज़ ही भरती हूँ ....
खुद को .....तुम्हारी गागर में
बैरी पिया ....
फर्क बूझ रहे .....
दरिया में …मेरे सागर में
© कल्पना पाण्डेय
Happy karwa chauth .... To all my beautiful friends ...... Enjoy
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