भाषा / Language
इस मजबूती से बंधा है मेरा वतन
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इस मजबूती से बंधा है मेरा वतन
क्या है डोर ,कहाँ है जोड़ ,मत पूछिये
इन अश्कों की दास्ताँ भी गज़ब है
पानी में दिल ,कैसे तैरता मत पूछिये
ईद होली दीवाली ,आज ही मना लो
पांच साल में ,क्या हो हाल मत पूछिये
© कल्पना पाण्डेय
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें