रही सही ख्वाइशें भी ....छू ली मैंने जिस लम्हा .... खुद की .... खुद से ...... खुद सी ......कही मैंने
रचना 020418 सितंबर 2015भाषा / Languageहिन्दीEnglishरही सही ख्वाइशें भी ....छू ली मैंने✦रही सही ख्वाइशें भी ....छू ली मैंने जिस लम्हा .... खुद की .... खुद से ...... खुद सी ......कही मैंनेकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें