भाषा / Language
सुबह से रात गुज़र जाती
✦
सुबह से रात गुज़र जाती
इस ज़िन्दगी को "ताकते" हुए
वो भी बाज़ नहीं आती
हर पल मुझे "आंकते" हुए
कौन साहिल ?
कौन है समुंदर ?
"तखल्लुस " टांकना मुश्किल है
कभी वो मुझमें है
कभी मैं उसके अंदर
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें