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रचना 0154

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आते आते ....आ ही जाएगा

आते आते ....आ ही जाएगा मुझे जीने का तरीका तभी तो ........मैं "ज़िन्दगी" हूँ मेरा कहाँ कोई सलीका
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें