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कब तलक इस समुंदर को बहता देखोगे .....दरमियाँ

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कब तलक इस समुंदर को बहता देखोगे .....दरमियाँ चंद यादों के सिवा कुछ भी पलट कर .....न आएगा
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें