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रचना 0138

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उसके जाने की खबर से , थम गयी ज़िन्दगी…

उसके जाने की खबर से , थम गयी ज़िन्दगी पहले ज़ार ज़ार रोई , फिर जम गयी ज़िन्दगी मुहब्बत ही लुटाते रहे हम , उम्र भर मलाल रहा , उसको कम गयी ज़िन्दगी दो दिन ख़ुशी के , दो ही गम के फिर ज़िन्दगी में रम गयी ज़िन्दगी दिन के उजाले में , जी भर मुस्कुराई चाँद के आगोश में , फिर नम गयी ज़िन्दगी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें