भाषा / Language
तुम्हारी भेजी बारिशें मिली
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तुम्हारी भेजी बारिशें मिली...
बहुत शुक्रिया😊
मैं ये सोच कर बढ़ती उम्र को खुद में खुशामदीद कहती हूँ कि एक रोज़ तुमने कहा था हम बेहद साधारण लोग हैं। साधारण जीवन जी रहे।
इन दो वाक्यों का श्रृंगार पहन लिया है ....मैं तुम्हारे लिए हर उम्र में सुंदर रहने की कोशिश करूँगी।
तुम आना।
शुभ दिन
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें