कविता लिख कर नहीं .... हो कर रो कर बो कर खो कर आती है। *पेड़ कितना सक्षम कवि है ... हर नए पुराने फूल को बस प्रेम कविता सिखाता है। प्रतिद्वंदिता नहीं।