कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 4365

भाषा / Language

बहुत शुक्रिया ....मुकेश कुमार जी ।

बहुत शुक्रिया ....मुकेश कुमार जी । मेरा लिखा आपने कितना सुंदर कर दिया। ये मेरी हमेशा से चाहना रही है कि कोई मेरे लिखे को खुद अपनी लिखावट में लिखे।पोस्टर बनाए। मुझे भेजे। सांझा करे अपना प्यार। आप जैसे सहृदय मित्र सदा रहें।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें