भाषा / Language
तेरा ख़्याल ही........ मिठास है मेरे लिए
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तेरा ख़्याल ही........ मिठास है मेरे लिए
😊😊😊😊😊
बने रहिए।
*अक्सर दिल उस पर आता है जो हमारे लिए नहीं बना ....
फुस्स मन में कहां बजता है दिल का पटाखा ?
बारूद को अगर आग शिद्दत की चाहिए तो
एक न खत्म होने वाला पलीता भी चाहिए।
मेरा भीगा हुआ दिल फूंक कर देखो
रोशनी आवाज़ में बंद कागज़ पर दिखेगी।
जो नहीं हो ....वो नहीं ही हो ये कहां जरूरी है।
जरूरी बस तुम हो
तुम्हारा संग होना ....ना होना बातें हैं ।
सिर्फ़ बातें।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें