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हम अपना अंधेरा भी उसी की पीठ पर बांधना पसंद करते हैं जो रोश…

हम अपना अंधेरा भी उसी की पीठ पर बांधना पसंद करते हैं जो रोशनी को नकारने का शग़ल रखता हो। एक चाँद जरूरी है ज़िन्दगी के लिए....... बस इस लिए तुम पर आस्था है। बस तुम पर।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें