भाषा / Language
जिंदगी के दो ही छोर हैं और दोनों एक साथ *शायद *ही पकड़े जा…
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जिंदगी के दो ही छोर हैं और दोनों एक साथ *शायद *ही पकड़े जा सकते हैं ।
*शायद* में तुम्हारे नाम की गूंज है । सिर्फ़ तुम्हारे नाम का लोबान।
तुमसे कह देने का सुख अनंत है।
अरदास लग जाती है.... सीधे ईश्वर से।
जिन्दगी थोड़ी आसान हो जाती है और तुम थोड़े से और नजदीक।
हम अपना सच बहुत कम लोगों को दिखा पाते हैं और अपना झूठ उससे भी कहीं कम लोगों की हथेली पर धर पाते हैं ।
तुमको दोनों दिया है
सच
झूठ
और
इनके बीच का अपना *शायद* भी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें