कितनी गज़ब बात है ... आप धूप से थे मैं भी अक्सर बर्फ रही। जाने क्यों एक अबोला हमारे बीच कभी पिघल न सका। फिर भी हमने रोज़ लिखा प्रेम सबके खातिर