मुझमें एक कोना है...... प्रेम, उदासी,सम्मोहन और तुम्हारा रख लो ....पहाड़ी भरम हूँ धीरे धीरे पिघल जाऊंगी ... उस सफ़ेद बर्फ़ की तरह