हम मंदिर में ईश्वर को नहीं ईश्वरीय छाप को लेने जाते हैं । ठीक जैसे मैं तुम में तुम मुझ में
रचना 405210 दिसंबर 2022भाषा / Languageहिन्दीEnglishहम मंदिर में ईश्वर को नहीं ईश्वरीय छाप को लेने जाते हैं ।✦हम मंदिर में ईश्वर को नहीं ईश्वरीय छाप को लेने जाते हैं । ठीक जैसे मैं तुम में तुम मुझ मेंकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें