भाषा / Language
सुख दुःख बस इतने में विलय हो जाता है कि एक रोज़ तुमसे मिलूं…
✦
सुख दुःख बस इतने में विलय हो जाता है कि एक रोज़ तुमसे मिलूंगी और उसी रोज़ हम फिर बिछड़ जायेंगे....फिर किसी रोज़ कभी मिलने को ...विदा होने को।
तुम्हारे बारे में क्या सोचना ...
समंदर और सेहरा दोनों प्यासा रखते हैं।
दोनों प्यारे हैं ।दोनों कुबूल।
सुख और दुख .....मेरे
मेरे लिए।
ताउम्र
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें