कल्पनाशब्दों के बीच
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मेरा उजाला

मेरा उजाला.... भव्या *तस्वीर मेलबर्न से उसने अभी भेजी । दीवाली की धूम वहां भी है।मन झूम उठा बिटिया को देख कर। इश्क की गिन्नियां आप सब को मुबारक। शुभ धनतेरस।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें