कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 3914

भाषा / Language

तुम्हारी उदासी कितनी भी पीठ पर ढो लूं

तुम्हारी उदासी कितनी भी पीठ पर ढो लूं.... अता पता आंखें और होंठ ही देते हैं। मेरे सुख का नाम क्या है ? कौन रंग कौन आकार कौन ध्वनि कौन अक्षर कौन बिंदु सब चुप सब अलोप
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें