कल्पनाशब्दों के बीच
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हर तस्वीर के साथ हम थोड़ा और पुराने हो जाते हैं

हर तस्वीर के साथ हम थोड़ा और पुराने हो जाते हैं.... कल शाम से संदेशे मिल रहे। आप सबकी शुभकामनाओं के लिए आभारी हूँ। चाहे उम्र सरक रही हो पर हर जन्मदिन पर मैं.... ज्यादा माँ ज्यादा प्रेमिका ज्यादा औरत और सबसे ज्यादा "कल्पना" होना चाहूँगी। मैं अपनी चाहनाएँ रंगीन कर सकूँ। किसी का मन न दुखे मुझसे। प्रेम बरसता रहे... कल्पना मुस्कुराती मिलेगी। आपका सारा स्नेह इन आँखों में बसा रहेगा। शुभदिन💐 Birthday girl💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें