कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 3871

भाषा / Language

तुम्हारे बिना ये आँखें खाली मकान

तुम्हारे बिना ये आँखें खाली मकान और तुम्हारे संग भरे पूरे घर सी हैं। दिख जाया करो .....सुकून
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें