कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 3854

भाषा / Language

सांझ कहती है ... डूब जा

सांझ कहती है ... डूब जा सुबह बताती है....उठ जा मैं बस तुम्हारी सुनूंगी । बस तुम्हारी।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें