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हज़ारों आँखों में एक जोड़ा आँखें तुम्हें हमेशा अलग महसूस होंगी

हज़ारों आँखों में एक जोड़ा आँखें तुम्हें हमेशा अलग महसूस होंगी...... सब तुम्हें देख रहे होंगे ... वो तुम्हें तलाश रही होंगी। मसरूफ़ आँखें.... सिर्फ़ तुम्हारे लिए।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें